60 मिलियन टन लोडिंग लक्ष्य हासिल करने के लिए पमरे महाप्रबंधक ने ट्रैफिक अधिकारियों को दिए टिप्स।

पश्चिम मध्य रेल के मुख्यालय में बुधवार को परिचालन अधिकारियों के साथ पश्चिम मध्य रेलवे महाप्रबंधक श्रीमती शोभना बंदोपाध्याय ने एक बैठक आयोजित की जिसमें आने वाले पांच सालों के लिए यानि वर्ष 2030 तक लोडिंग का लक्ष्य 90 मिलियन टन हासिल करने की दिशा में उठाये जाने वाले उपायों के सम्बन्ध में विचार-विमर्श किया। इसी क्रम में चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में पमरे महाप्रबंधक ने 60 मिलियन टन लोडिंग का लक्ष्य हासिल करने के लिए अपने अनुभवों को साझा किया तथा लक्ष्य हासिल करने के लिए ट्रैफिक अधिकारियों को टिप्स दिए।

इस बैठक में लोडिंग बढ़ाने के अलावा इन्टरचेंज में वृद्धि, मालगाड़ियों की स्पीड में बढ़ोत्तरी, मोबिलिटी में सुधार, बॉक्स एन एंड जम्बो वैगनों के परफॉर्मेन्स पर चर्चा, पंचुअल्टी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

महाप्रबंधक ने पश्चिम मध्य रेलवे में फ्रेट लोडिंग को बढ़ाने के लिए एक्शन प्लान के तहत टीम वर्क के साथ कार्य करते हुए टारगेट एचिव करने का मंत्र दिया। इसके अलावा तीनों मण्डलों पर हर महिने कॉमेडिटी वाइस जैसे सीमेन्ट, कोल, क्लिंकर, फूडग्रेन, फर्टिलाइज़र इत्यादि की लोडिंग को बढ़ाने के लिए मार्केटिंग स्ट्रेटेजी तैयार करने के निर्देश दिए। महाप्रबंधक ने कहा कि पश्चिम मध्य रेलवे के पडोसी मण्डलों के साथ तथा पडोसी जोनल रेलवे जैसे उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर, पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर, पश्चिम रेलवे चर्चगेट मुंबई, मध्य रेलवे के अलावा उत्तर पश्चिम रेलवे जयपुर के ट्रैफिक अधिकारियों के साथ जीवंत सम्पर्क रखे तथा को-ऑर्डिनेशन के साथ मिलजुल कर काम करें।

महाप्रबंधक ने कहा कि यात्री गाड़ियों एवं मालगाड़ियों की पंक्चुअलिटी पर विशेष ध्यान देने की जरुरत है। इसी तरह चालू वित्तीय वर्ष में फ्रेट लोडिंग के निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण करने की दिशा में एक्शन प्लान के साथ काम करने की आवश्यकता है। इसके साथ ही उन्होंने सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए विभिन्न रेलखण्डों की गतिसीमा में वृद्धि एवं यात्री सुविधाओं सहित रेलगाड़ियों के सुरक्षित परिचालन पर जोर दिया।

Source - WCR