टेलीकॉम बिल : दूरसंचार विधेयक-2023 संसद से पास

संसद से टेलीकॉम बिल (दूरसंचार विधेयक-2023) पास हो गया है। इस बिल में सख्त केवाईसी मानदंडों के साथ उपयोगकर्ता सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। इस बिल में फर्जी / जाली दस्तावेज़ का उपयोग करके सिम प्राप्त करने, टेलीफोन नंबर की स्पूफिंग तथा सिम बॉक्स आदि के माध्यम से दूरसंचार सेवा का उपयोग करने पर तीन साल की कैद / पचास लाख रुपये का जुर्माने का प्रावधान किया गया है ।

दूरसंचार विधेयक-2023 के तहत उपयोगकर्ताओं की शिकायतों के समाधान के लिए ऑनलाइन शिकायत निवारण तंत्र की स्थापना की जायेगी। किसी और के पहचान प्रमाण का उपयोग करके धोखाधडी से सिम प्राप्त करना एक दंडनीय अपराध होगा ।

राज्य सरकार के तहत जिला मजिस्ट्रेट और जिला न्यायाधीश द्वारा किसी भी अधिकार संबंधी मुद्दों का निर्णय करेंगे। सार्वजनिक संपत्ति होने की स्थिति में समयबद्ध तरीके से अनुमति दी जाएगी तथा निजी संपत्ति होने की स्थिति में मालिक और दूरसंचार नेटवर्क स्थापित करने के इच्छुक व्यक्ति के बीच आपसी समझौता किया जायेगा ।

वर्तमान में, लगभग 100 विभिन्न प्रकार के लाइसेंस निर्गत किये जाते हैं, जिनमें पंजीकरण, अनुमति और प्राधिकरण जैसे कई प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। नये बिल में इसका सरलीकरण करते हुए मात्र 03 चरण ही रखे गए हैं, जिसके तहत दूरसंचार सेवाएं प्रदान करना, दूरसंचार नेटवर्क का संचालन और विस्तार करना तथा रेडियो उपकरण का संचालन करना शामिल हैं। ओटीटी को इससे बाहर रखा गया। अब सैकड़ों पृष्ठों वाले दस्तावेज को घटाकर एक छोटा और स्पष्ट शब्दों वाला दस्तावेज़ बनाया जायेगा ।

1885 के अधिनियम में स्पेक्ट्रम का कोई उल्लेख नहीं है, जबकि नये विधेयक में स्पेक्ट्रम की परिभाषा का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। अब नीलामी के माध्यम से स्पेक्ट्रम आवंटन किया जाएगा । राष्ट्रीय आवृत्ति आवंटन योजना को सक्षम करने के लिए दीर्घकालिक योजना बनायी जायेगी तथा कानूनी रूप से मान्यता देकर स्पेक्ट्रम के इष्टतम उपयोग को सक्षम करने पर ध्यान दिया जायेगा। नये बिल में डिजिटल डिजाइन द्वारा 4-स्तरीय विवाद समाधान ढांचा का प्रावधान किया गया है। यूएसओएफ के दायरे का विस्तार, दूरसंचार सेवाओं, प्रौद्योगिकियों और उत्पादों के अनुसंधान और विकास को शामिल करने के लिए डिजिटल भारत निधि का प्रावधन किया गया है। साथ ही नवाचार और प्रौद्योगिकी विकास हेतु लाइव और प्रतिबंधित परीक्षण वातावरण में नए उत्पादों और सेवाओं के परीक्षण की अनुमति देने के लिए नियामक सैंडबॉक्स का प्रावधान भी किया गया है।